ग्रीनहाउस खेती के बारे में सम्पूर्ण जानकारी | GreenHouse Farming in Hindi

ग्रीनहाउस खेती (Greenhouse Farming) कृषि प्रणाली का एक प्रकार है जिसमे ग्रीनहाउस की मदद से फसलों की उत्पादन को कई गुना बढ़ा सकते है, और जिसमे पर्यावरणीय समस्याओ को कंट्रोल कर सकते है। इस खेती में ग्लास और प्लास्टिक सरचना की मदद से पौधों को उगाया जाता है।

यह तकनीक किसानों को नए और लाभकारी तरीकों से फसल उत्पादन करने में मदद करती है और प्रदूषण को कम करने में भी सहायक होती है।

इस आर्टिकल में हम Greenhouse Farming in Hindi, ग्रीनहाउस खेती क्या है, कैसे करे, खर्चा, सब्सिडी, और ग्रीनहाउस फार्मिंग से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी शेयर करने वाले है।

ग्रीनहाउस खेती क्या है? (What is Greenhouse Farming)

ग्रीनहाउस खेती एक विशेष प्रकार की खेती है जिसमें पौधो को एक विशेष प्रकार के स्थायी वातावरण में उगाया जाता है। इस तकनीक में वातावरण को कण्ट्रोल करके पौधो को उगाया जाता है। ग्रीनहाउस खेती में आप फसल को साल में किसी भी समय उगा सकते है, जैसे – गेहू एक रबी की फसल है जिसे वसन्त ऋतू में उगाई जाती है, लेकिन ग्रीनहाउस की मदद से हम गेहू को साल के किसी भी ऋतू में ऊगा सकते है।

ग्रीनहाउस प्लास्टिक ग्लास से बनता है जैसे नीचे फोटो में प्रदेशित है, जिसमें समुचित तापमान, आवश्यक आर्द्रता और प्राकृतिक प्रकाश होता है। इस प्रकार के वातावरण में पौधों की उन्नत विकास और बेहतर पैदावार होती है।

ग्रीनहाउस खेती, greenhouse farming

ग्रीनहाउस खेती से पैसे कैसे कमाए

ग्रीनहाउस फार्मिंग भारत में काफी पॉपुलर और प्रॉफिटेबल तरीका है, जहा साल भर फसलों का उत्पादन करके अच्छी कमाई कर सकते है। ग्रीनहाउस में आपको मौसम बदलाव, आंधी तूफान, जलवायु, आद्रता किसी की आवश्यकता नहीं रहती, आप किसी भी मौसम में कोई सी भी फसल का चयन कर सकते है।

ग्रीनहाउस खेती में हम फल, सब्जिया, फूल, तथा अन्य फसलो का उत्पादन कर सकते है, जिसकी आपके क्षेत्र में ज्यादा आवश्यकता हो उस फसल का उत्पादन करके आप बाजार में बेच सकते है और अच्छे पैसे कमा सकते है।

ग्रीनहाउस खेती के फायदे

ग्रीनहाउस खेती एक कृषि उत्पादन प्रणाली (Agricultural Production System) है जिसमे फसलों को कृत्रिम गर्म वातावरण (Artificial Heated Environment) में उगाया जाता है। ग्रीनहाउस फार्मिंग का मुख्य फायदा यह है इसमें हम फसल को साल के किसी भी समय में उगा सकते है।

  • ग्रीनहाउस में पौधों के लिए एक नियंत्रित वातावरण बनाया जाता है, जिसमें तापमान, आर्द्रता, और प्राकृतिक प्रकाश को नियंत्रित किया जा सकता है। इससे पौधों की वृद्धि और उत्पादकता में सुधार होता है और पौधों के खिलने-फूलने की गारंटी मिलती है।
  • ग्रीनहाउस में फसले पुरे साल उगाई जा सकती है, इससे मौसम के प्रभाव पर निर्भरता कम होता है। यहां पर मौसम की खराबी, बर्फबारी, या बारिश के बावजूद फसलें सुरक्षित रहती हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है।
  • ग्रीनहाउस में फसलों को कीट प्रबंधन और रोग प्रबंधन से काफी आसानी से किया जा सकता है। यहां पर पोधो को बीमारियों और कीटों से बचाने के लिए केमिकल की आवश्यकता कम होती है, जिससे पौधों की उत्पादकता और गुणवत्ता बेहतर होती है।
  • ग्रीनहाउस में कई प्रकार के ऊर्जा संचयन प्रणालियों का इस्तेमाल होता है जिससे पानी की कम आवश्यकता होती है। इससे ऊर्जा की बचत होती है और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होता है।

ग्रीनहाउस खेती कैसे करे

ग्रीनहाउस में पौधो को उगाने के लिए प्लास्टिक और ग्लास से बना कृत्रिम वातावरण का उपयोग किया जाता है। इसमें प्रकाश और गर्मी की मदद से पौधो को ग्रो किया जाता है। ग्रीनहाउस खेती में हम पौधो को साल के किसी भी समय किसी भी स्थान पर ऊगा सकते है। ग्रीनहाउस फार्मिंग की शुरुआत में वातावरण के अनुसार अच्छी फसल को चयन करना होता है।

  • चलिए उदाहरण से समझते है, टमाटर खेती के लिए सूर्य और गर्म तापमान की आवश्यकता रहती है, लेकिन खीरे की खेती के लिए को ठंडे तापमान और आंशिक छाया की आवश्यकता होती है।
  • फसल के चुनाव के बाद किसान को उचित तापमान का चयन करना होता है।
  • चुनाव के आधार पर, ग्रीनहाउस का निर्माण किया जाता है। ग्रीनहाउस बनाने के लिए एल्युमीनियम, प्लास्टिक, और ग्लास का उपयोग हो सकता है, और इसका उचित वेंटिलेशन और ऊर्जा संचयन सिस्टम होता है।
  • ग्रीनहाउस तैयार होने के बाद फसल का रोपण करना है। फिर आवश्यकता अनुसार पानी और पोषण की देखभाल की जाती है। और कीटों और रोगों से बचाव के लिए उचित उर्वरक का इस्तेमाल किया जाता है।
  • ग्रीनहाउस खेती का मुख्य उद्देश्य फसल, फूल, सब्जियों का जितनी मात्रा में हो सके उत्पादन करना है। ग्रीनहाउस में वातावरण को अनुकूल रखने के लिए पंखे और हीटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे पौधो को उचित तापमान और लाइट प्राप्त हो सके जिससे फसल स्वस्थ रहे और अधिक उत्पादन हो सके।

ग्रीनहाउस खेती के लिए अच्छे राज्य

ग्रीनहाउस खेती के लिए जगह अहम भूमिका निभाती है, जगह का चयन करते समय कई कारको का ध्यान देना महत्वपूर्ण होता है। भारत में कई राज्य ग्रीनहाउस खेती के लिए अच्छे माने जाते है। जब भी ग्रीनहाउस खेती की योजना बनाते हैं, तो आपको अपने क्षेत्र की जलवायु, मिटी, और वाणिज्यिक शर्मिकों की उपलब्धता को ध्यान में रखना चाहिए।

भारत में कई राज्य ग्रीनहाउस खेती के लिए अच्छे माने जाते है। भारत में Greenhouse Farming के लिए सबसे अच्छे राज्य कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, और उत्तरप्रदेश है।

इन राज्यों में कृषि विकास और ग्रीनहाउस खेती के लिए उपयुक्त माहौल और सरकारी समर्थन उपलब्ध होते हैं, जो ग्रीनहाउस खेती को साहसिक और लाभकारी बना सकते हैं।

ग्रीनहाउस खेती के लिए सबसे अच्छी फसले

ग्रीनहाउस खेती में कृत्रिम तापमान, प्रकाश, और आद्रता के कारण हम काफी फसलों की बुवाई कर सकते है। फसल चुनने से पहले आपको अपनी जमीन और पर बाजार मांग को जरूर ध्यान में रखना चाहिए। ग्रीनहाउस खेती में आप कई प्रकार की सब्जियों, फलों, फूलो, और पौधों की खेती कर सकते हैं। नीचे कुछ फसलों के उदाहरण है जिन्हे आप चुन सकते है।

  1. टमाटर (Tomatoes): टमाटर की ग्रीनहाउस में आसानी से खेती की जा सकती है और इसकी मांग बाजार में बनी रहती है।
  2. पत्तागोभी (Cabbage): पत्तागोभी भी ग्रीनहाउस में खेती के लिए उपयुक्त फसल है और यह सर्दी के मौसम में भी अच्छी उपज देता है।
  3. शिमला मिर्च (Bell Peppers): शिमला मिर्च भी ग्रीनहाउस में खेती के लिए अच्छी फसल होती है और विभिन्न रंगों में उपलब्ध होती है।
  4. ककड़ी (Cucumbers): ककड़ी की खेती भी ग्रीनहाउस में अच्छी होती है और यह ठंडी में भी अच्छी उपज देती है।
  5. पालक (Spinach): पालक ग्रीनहाउस में आसानी से खेती की जा सकती है और यह सब्जी के रूप में या पौधों के तौर पर उपयोग की जा सकती है।
  6. स्ट्रॉबेरी (Strawberries): स्ट्रॉबेरी की खेती भी ग्रीनहाउस में संभावना होती है और यह फलों की खेती के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
  7. हरा धनिया (Cilantro): हरा धनिया आमतौर पर ग्रीनहाउस में खेती की जाने वाली फसल होती है, और यह कुछ हिंदी और मेक्सिकन व्यंजनों के लिए महत्वपूर्ण होता है।
  8. तीखी मिर्च (Chili Peppers): तीखी मिर्च ग्रीनहाउस में खेती के लिए उपयुक्त फसल हो सकती हैं, जो खासतर पिज्जा और मेक्सिकन खाने में उपयोग होती हैं।
  9. पौधे (Herbs): विभिन्न पौधों के उपयोग के लिए ग्रीनहाउस में खेती की जा सकती है, जैसे कि तुलसी, पोदीना, और रोजमेरी जैसी जड़ी-बूटियां।
  10. फूल (Flower): ग्रीनहाउस में अनुकूल तापमान पर फूल की खेती कर सकते है, फूल की डिमांड हर समय रहती है।
  11. फल (Fruits): ग्रीनहाउस में हम फल की खेती भी कर सकते है जैसे आंवला, गुआवा, स्ट्रॉबेरी, अदरक, नींबू, चेरी, पपीता, आम, आलूबुखारा, और भी अन्य कई फल ऊगा सकते है।

यह सिर्फ कुछ उदाहरण हैं, और आपकी खेती के लिए सबसे अच्छी फसलें आपकी स्थिति और बाजार मांग के आधार पर चुनी जा सकती हैं। आपको खेती के लिए उपयुक्त मानसून और आवश्यकता के हिसाब से फसलों का चयन करना चाहिए।

ग्रीनहाउस के प्रकार

ग्रीनहाउस खेती के कई प्रकार होते हैं, जिनमें पौधों की खेती के लिए विभिन्न प्रकार के हाउस शामिल होते हैं। नीचे हमने प्रमुख ग्रीनहाउस प्रकार के बारे में जानकारी प्रदान की है:

1. खुली हवा वाला ग्रीनहाउस (Open Ventilated Greenhouse)

इसमें पारदर्शी ग्लास और प्लास्टिक दीवारों का इस्तेमाल होता है, जिससे प्राकृतिक प्रकाश और वायुमंडल का सुफल उपयोग किया जा सकता है। इस प्रकार के ग्रीनहाउस में कई प्रकार की फसल उगाई जा सकती है, लेकिन बेहतर उत्पादन के लिए सब्जिया और फुल की खेती कर सकते है। यह ग्रीनहाउस फसलों के लिए उचित तापमान और हवाओं का प्रबंधन करने में मदद करता है।

2. स्वचालित ग्रीनहाउस (Automated Greenhouse)

स्वचालित ग्रीनहाउस में उचित तापमान, आर्द्रता, और प्रकाश को स्वचालित रूप से नियंत्रित करता है। इसमें संवेदनशील तंतु, सेंसर, और स्वचालित प्रयोग के उपकरण शामिल होते हैं। यह ग्रीन हाउस खुली हवा वाला ग्रीन हाउस से बड़े होते है इसमें कई तरह व्यापक फसल ऊगा सकते है, जैसे फल और सब्जिया जिन्हे समशीतोष्ण जलवायु या उच्च आर्द्रता की आवश्यकता होती है उन्हें भी हम इस ग्रीनहाउस में ऊगा सकते है।

3. सौर ऊर्जा युक्त ग्रीनहाउस (Solar-Powered Greenhouse)

इन ग्रीनहाउस में सौर ऊर्जा प्रणाली का उपयोग होता है जो सूर्य के प्रकाश को ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। यह ग्रीनहाउस पर्यावरण के प्रति अधिक सजाग और ऊर्जा सहयोगी होता है और कृषि उत्पादन को स्वास्थ्यपूर्ण और सुरक्षित बनाता है। यह अन्य ग्रीन हाउस की तुलना में छोटे होते है।

ग्रीनहाउस के प्रकार विभिन्न जलवायु और फसलों की आवश्यकताओं के आधार पर चुने जा सकते हैं, और ये फसलों की विकास और उत्पादकता में मदद करने में महत्वपूर्ण होते हैं।

ग्रीनहाउस खेती शुरू करने में खर्चा

ग्रीनहाउस (Greenhouse) खेती शुरू करने में खर्चा बहुत सारे कारकों पर निर्भर करता है, जैसे ग्रीनहाउस का आकार, उपयोग की जाने वाली सामग्री, पौधों की संख्या और आपके स्थान के अनुसार। भारत में ग्रीनहाउस लागत की बात करे तो प्रति वर्ग मीटर 500-700 रुपये से लेकर 3000-4000 रुपये तक हो सकती है।

भारत में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लागत के हिसाब से सब्सिडी प्रदान की जाती है, जो 50 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक है। इस योजना का फायदा 4000 वर्ग मीटर में ग्रीनहाउस का निर्माण करने वाले किसान उठा सकते है।

ग्रीनहाउस खेती के लिए सब्सिडी

ग्रीनहाउस फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए गवर्नमेंट किसानो को सब्सिडी प्रदान करती है। यह सब्सिडी किसानो को ग्रीनहाउस के लिए आवश्यक औजार खरीदने, रिसर्च करने, और बनाने के लिए दिए जाते है। ग्रीनहाउस ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण कम करता है और वातावरण को बेहतर बनाने में मदद करता है, यही ग्रीनहाउस पर सब्सिडी देने का मुख्य कारण है।

भारत में ग्रीनहाउस बनाने के लिए गवर्नमेंट द्वारा 50%-95% तक अनुदान मिलता है, तथा राज्य सरकार अलग से अनुदान देती है। सरकार द्वारा सामान्य वर्ग के किसानो को 50% सब्सिडी तथा अन्य अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के किसानों को 70% तक सब्सिडी दी जाती है।

और जाने – पीएम फसल बीमा योजना

ग्रीनहाउस खेती में चुनौतियां

ग्रीनहाउस खेती एक उच्च गुणवत्ता वाली खेती प्रौद्योगिकी है, लेकिन इसमें कई चुनौतियां का सामना करना पड़ता है। जैसे कि अच्छे तरह से तापमान, आर्द्रता, और प्राकृतिक प्रकाश का नियंत्रण रखना, ग्रीनहाउस की निर्माण के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश, जल संचालन, कीट प्रबंधन, स्वच्छता और हाइजीन का ध्यान रखना आदि महत्वपूर्ण चुनोतिया है जो हर ग्रीनहाउस किसान को सामना करना पड़ता है।

मंडी भाव जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे।

निष्कर्ष

ग्रीनहाउस खेती एक आधुनिक कृषि प्रणाली है जिससे किसान फसलों की उत्पादन और गुणवत्ता को बड़ा सकते है। इस तकनीक में प्लास्टिक और ग्लास की मदद से एक ढाँचा बनाया जाता है जिसमे आधुनिक तरीको से कृत्रिम वातावरण तैयार करके पौधो को उगाया जाता है। ग्रीनहाउस फार्मिंग आपको साल भर फसल लेने का मौका देता है। इसमें फल, सब्जिया, फूल तथा अन्य फसल भी ऊगा सकते है। ग्रीनहाउस बनाने के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा, यह प्रदूषण कम करने में भी सहायक हो सकता है और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

इस पोस्ट में हमने ग्रीनहाउस खेती के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी है आशा करते है आपको यह GreenHouse Farming in Hindi पोस्ट पसंद आयी है, पसंद आयी है तो अपने दोस्तों के साथ यह पोस्ट जरूर शेयर करे। धन्यवाद।


और पोस्ट पढ़े –

हरी मिर्च की खेती की पूरी जानकारी 👈
जानिए कैसे करें पपीते की खेती 👈
खेती के बारे में सम्पूर्ण जानकारी 👈
पीएम फसल बीमा योजना 👈
पॉलीहाउस खेती क्या है 👈


Leave a Comment